![]()
राम मंदिर निर्माण समिति की तीन दिवसीय मीटिंग।
राम मंदिर निर्माण की परियोजनाओं की प्रगति समीक्षा को लेकर तीन दिवसीय भवन-निर्माण समिति की बैठक शनिवार से होगी। निर्माणाधीन परियोजनाओं विशेष रूप से परकोटा, शेषावतार मंदिर, सप्त मंडपम के अतिरिक्त राम मंदिर में चल रहे फिनिशिंग के कार्यों का अवलोकन किया
.
राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र शुक्रवार शाम को अयोध्या पहुंचे। राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में दर्शन पूजन किया, सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि राम मंदिर और परकोटे का निर्माण अब अंतिम चरण में है। करीब 14 लाख क्यूबिक फीट बंसी पहाड़पुर पत्थर से बनने वाले इस भव्य मंदिर में अब तक 13 लाख क्यूबिक फीट पत्थर लगाया जा चुका है, शेष केवल एक लाख क्यूबिक फीट का कार्य बाकी है।
मिश्र ने बताया कि मंदिर के लोअर प्लिंथ में बन रही रामकथा की 800 फीट लंबी पट्टिका में 500 फीट तक म्यूरल तैयार हो चुके हैं। वहीं मंदिर के चारों ओर बन रहे परकोटे में लगने वाले 80 कांस्य म्यूरल में से 45 म्यूरल स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्य देश की कला और संस्कृति का अद्वितीय प्रदर्शन है।
टाइटेनियम जाली पहली बार मंदिर में
राम मंदिर में पहली बार टाइटेनियम धातु की जालियों का प्रयोग किया जा रहा है। भूतल, प्रथम तल और द्वितीय तल पर लगाई जा रही इन 32 जालियों में एक का परीक्षण सफलतापूर्वक किया जा चुका है। टाइटेनियम की खासियत यह है कि यह 1000 वर्ष तक टिकाऊ रहती है और किसी भी मौसम का प्रभाव नहीं झेलती। मिश्र ने बताया कि 15 अगस्त तक सभी जालियां लगा दी जाएंगी।
अस्थाई मंदिर भी रहेगा संरक्षित
मिश्र ने कहा कि अस्थाई मंदिर को हटाया नहीं जाएगा, बल्कि टीक वुड पर संरक्षित कर विशेष ग्लास से कवर किया जाएगा, ताकि श्रद्धालु जान सकें कि रामलला अस्थाई मंदिर से स्थाई मंदिर में कैसे विराजमान हुए।
उन्होंने बताया कि जुलाई के अंत तक मंदिर निर्माण के सभी कार्य पूरे हो जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए अनुभवात्मक दर्शन की व्यवस्था की जा रही है, जिसमें अस्थाई से स्थाई मंदिर की यात्रा का इतिहास भी दिखाया जाएगा।
राम मंदिर निर्माण में आधुनिक तकनीक और पारंपरिक शिल्प का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। नृपेंद्र मिश्र ने इसे देश के गौरव और सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा “राम मंदिर निर्माण समिति“राम मंदिर निर्माण न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह भारतीय वास्तुकला और शिल्प की उत्कृष्टता का अद्भुत उदाहरण भी है।”
Source Agency News
Village Post