डॉ. उदयनाथ ने सबसे पहले किया निरीक्षण फिर पहुंचे थे ऑफिस।
कोर्ट से स्टे लाने के बाद 9 जुलाई को पूर्व मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. हरी दत्त नेमी ने जैसे ही ऑफिस ज्वाइन किया तो उन्होंने अपना काम काज भी शुरू कर दिया था। उन्होंने सबसे पहले एक लेखाधिकारी के स्थानंतरण को रोकने के लिए शासन को पत्र लिखा था।
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दूसरे दिन भी उन्होंने आदेश दिया कि कोई भी फाइल रोकी न जाए। मैं कोर्ट के आदेश पर यहां पर आया हूं और काम काज मैं ही देखूंगा। पहले दिन उन्होंने ऑफिस से ही अपने ज्वाइनिंग की जानकारी मेल द्वारा प्रमुख सचिव, डीजी हेल्थ, जिलाधिकारी को दी।

डॉ. उदयनाथ ने 10 जुलाई को भी सीएचसी का निरीक्षण किया था।
अब पत्र को निरस्त करने का वर्तमान सीएमओ ने किया आग्रह
लेखाधिकारी कृष्ण लाल वर्मा का लगभग एक हफ्ते पहले इटावा स्थानंतरण हुआ था। अचानक से 9 जुलाई को डॉ. नेमी फिर से कुर्सी संभालते है तो उन्होंने किसी कारणों से कृष्ण लाल वर्मा का स्थानंतरण रोकने के लिए शासन को एक पत्र जारी कर दिया था।
अब इस पत्र को निरस्त कराने के लिए वर्तमान सीएमओ डॉ. उदयनाथ ने शासन से आग्रह किया है। इसके बाद उन्होंने शुक्रवार को ही लेखाधिकारी को इटावा के लिए रिलीफ कर दिया हैं।

डॉ. उदयनाथ ने कहा- मैं 20 जून से लगातार काम कर रहा हूं।
कई चेहरे आए सामने
डॉ. उदयनाथ ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा था कि जब कानपुर में मेरा ट्रांसफर हुआ था, तभी समझ गया था कि यहां पर समस्याएं बहुत है। ऑफिस में जो बगल में बैठते है उनसे भी जूझना पड़ेगा और बाहर वालों से भी। ऐसे में 9 जुलाई को जब डॉ. नेमी ने ज्वाइन किया तो बहुत से चेहरे सामने आ गए।
कई चेहरे रहे गायब
इधर गुरुवार को पूर्व सीएमओ डॉ. हरी दत्त नेमी करीब साढ़े 3 बजे सीएमओ कार्यालय से बाहर आ गए। इसके बाद से कई चेहरे ऐसे थे जो अचानक से गायब हो गए। वर्तमान सीएमओ डॉ. उदयनाथ ने अपनी कुर्सी संभाली और लोगों के साथ बैठक करनी शुरू की तो उसमें कई चेहरे गायब थे।

सीएमओ दफ्तर के बाहर खड़े डॉ. हरी दत्त नेमी।
हालांकि कर्मचारियों का कहना था कि जो सीट पर बैठा होगा हम लोगों को तो उसी की सुननी होगी। वहीं, शुक्रवार को डॉ. उदयनाथ सुबह जैसे ही अपने कार्यालय पहुंचे तो पूरे स्टाफ की बीच उन्हीं चेहरों को लेकर सुगबुगाहट चलती रही।
Source Agency News
Village Post