सांकेतिक तस्वीर।
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गोरखपुर में सीलिंग की जमीन बेचकर करोड़पति बना भू माफिया कमलेश यादव ने खुद ही अपने सरकारी मददगारों के नाम उगल दिए थे। उसने पुलिस को बता दिया था कि कैसे वह तहसील से फर्जी दस्तावेज तैयार कराता था और फिर किसी दूसरे को भू स्वामी की जगह पर खड़ा करके रजिस्ट्री करा देता था।
कमलेश के बयान के आधार पर ही पुलिस साक्ष्य जुटाने का काम शुरू की तो जांच में एक-एक कर सभी तथ्यों की पुष्टि होने लगी और फिर शनिवार को सब रजिस्ट्रार चंद्रशेखर शाही को जेल भेजा गया। अब इसके साथ ही पुलिस उन कर्मचारियों की भी जांच तेज कर दी है, जो भू माफिया के इस काम में मददगार थे। फिलहाल, पुलिस के अलावा प्रशासनिक टीम विभागीय जांच कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, भू माफिया कमलेश यादव अपने साथी दीनानाथ प्रजापति व अन्य के साथ मिलकर कई लोगों को सीलिंग की जमीन बेची है। उसके खिलाफ सबसे पहले एक सैनिक की पत्नी सामने आई, जिसके बाद एक-एक करके 31 केस दर्ज किए गए। अब पुलिस की जांच चौरीचौरा तहसील तक पहुंच गई है।
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