अब ऑनलाइन ढूंढ़ सकेंगे हॉस्टल और किराए के घर: झांसी में मां-बेटे ने बनाई वेबसाइट, अब 25 विद्यार्थियों का रहने का इंतजाम कर चुकी है कंपनी – Jhansi News

झांसी में मां-बेटे ने मिलकर एक ऐसी वेबसाइड लॉन्च की है, जिसके जरिए घर बैठे कोई भी व्यक्ति हॉस्टल और किराए की जानकारी हासिल कर सकेंगे।

झांसी में अब हॉस्टल या फिर किराए के घर के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। क्योंकि, मां-बेटे ने मिलकर एक ऐसी वेबसाइड लॉन्च की है, जिसके जरिए घर बैठे कोई भी व्यक्ति हॉस्टल और किराए की जानकारी हासिल कर सकेंगे। अब तक 25 से अधिक विद्यार्थी को वेबसाइट पर हॉस्टल का च

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नगर निगम के इंक्यूबेशन सेंटर से जुड़े इस स्टार्टअप को अब सरकार ने भी मदद की पेशकश की है। फिलहाल सॉफ्टवेयर टेक्नॉलॉजी पार्क ऑफ इंडिया द्वारा इस कम्पनी को 25 लाख रुपए का फंड दिया गया है, जबकि इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस ने 5 लाख रुपए का अनुदान दिया है।

विद्यार्थियों को मिलेगा फायदा

पढ़ाई, नौकरी या अन्य व्यवसाय के लिए दूसरे शहर से आने वाले लोगों को किराए का घर तलाशने में मशक्कत करनी पड़ती है। नौकरी व व्यवसाय करने वालों को लोग घर किराए पर दे देते हैं, जबकि विद्यार्थियों को परेशानी होती है। इस परेशानी को दूर करने के लिए सिविल लाइन निवासी आर्यमन मेहरोत्रा ने अपनी माँ अनुराधा मेहरोत्रा के साथ मिलकर वेबसाइट बनाई। “हॉस्टल नीयर मी” नाम की इस वेबसाइट के माध्यम से पढ़ाई के लिए अन्य शहरों से झांसी आने वाले विद्यार्थियों को घर बैठे ही हॉस्टल, पेइंग गेस्ट, रूम, अपार्टमेंट की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

2022 में नगर निगम इंक्यूबेशन सेटर में स्टार्ट अप रजिस्टर्ड कराया और तकनीकी विशेषज्ञों की सलाह से वेबसाइट को लगातार अपडेट किया। कम्पनी बनाकर ऑनलाइन कारोबार भी शुरू किया। आर्यमन के स्टार्टअप से प्रभावित होकर सॉफ्टवेयर टेक्नॉलॉजी पार्क ऑफ इंडिया ने 25 लाख रुपए का फण्ड दिया। इस पैसे से वेबसाइट को अपडेट किया गया। इसके साथ ही इण्डियन स्कूल ऑफ बिजनेस हैदराबाद ने 5 लाख रुपए का अनुदान भी दिया।

देशभर में सिर्फ 8 स्टार्टअप को मिली ग्राण्ट ई-कॉमर्स क्षेत्र में काम करने वाली कम्पनी को मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक द्वारा तकनीकी व आर्थिक मदद की जाती है। जेनेसिस स्कीम के माध्यम से कम्पनियों को ग्रांट दी जाती है। कम्पनी की चीफ ऑपरेशन ऑफिसर अनुराधा मेहरोत्रा ने बताया कि आइआइटी मण्डी, शिवनाडर यूनिवर्सिटी नोएडा व इंडिया स्कूल ऑफ बिजनेस हैदराबाद की तरफ से ग्रांट का ऑफर दिया गया। देश की 300 कम्पनी के प्रतिनिधियों ने अपने स्टार्टअप का प्रेजेन्टेशन दिया। इसमें सिर्फ 8 स्टार्टअप चुने गए, जिसमें “हॉस्टल्स नीयर मी” भी शामिल रहा।

ऑनलाइन बाजार में अपार संभावनाएं

नगर निगम के आयुक्त सत्यप्रकाश ने बताया- युवा नौकरी के पीछे दौड़़ रहे हैं। ऑनलाइन बाजार में भी अपार संभावनाएं हैं। इंक्यूबेशन सेंटर से जुड़कर युवा नए-नए आइडिया के साथ स्टार्ट अप शुरू कर सकते हैं। “हॉस्टल्स नीयर मी” स्टार्ट अप ने भी इंक्यूबेशन सेंटर से जुड़कर वेबसाइट में सुधार किया। सरकार द्वारा भी कंपनी को अनुदान दिया गया है, जिससे कंपनी को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

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