
इटावा के भरथना मोहल्ला ब्रह्म नगर निवासी 28 वर्षीय मनीष जो 28 जून को संदिग्ध हालात में लापता हो गया था, उसे पुलिस ने बलरामपुर से घायल और अर्धबेहोशी की हालत में बरामद कर लिया। मनीष को उपचार के लिए सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस मामले को अपहरण में व्यापार में घाटा होने के कारण घर से चला जाने की बात कह रही है।
मनीष की माँ शीला देवी की तहरीर पर भरथना पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। परिजनों ने युवक के अपहरण की आशंका जताई थी, वहीं समाजवादी पार्टी के एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल से भी इसे अपहरण बताते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए गए। पोस्ट में लिखा गया था, “महामहिम राष्ट्रपति के प्रदेश में अपहरण होना शर्मनाक है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था ध्वस्त है, मुख्यमंत्री नाकाम हैं।”

इस राजनीतिक आरोप के बीच पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रैक कर मनीष की लोकेशन बलरामपुर में ट्रेस की। तत्काल एक टीम परिजनों के साथ वहां भेजी गई, जहां मनीष घायल अवस्था में मिला। उसके चेहरे पर चोट के निशान थे और वह मानसिक रूप से भी अस्थिर था। वायरल हुई एक तस्वीर में मनीष के मुंह पर कपड़ा बंधा हुआ देखा गया, जिससे अपहरण की आशंका को बल मिला था।

हालांकि, मामले में स्थिति साफ करते हुए सीओ सैफई राम गोपाल शर्मा ने बताया कि मनीष खाद-बीज के व्यापार में घाटे के कारण मानसिक तनाव में था और बिना किसी को बताए पहली बस से लखनऊ होते हुए बलरामपुर पहुंच गया था। रास्ते में कमजोरी और चक्कर आने से वह कई बार गिरा, जिससे उसे चोटें आईं। पूछताछ में मनीष ने किसी भी अपहरण या हमले से इनकार किया है।
पुलिस ने मनीष को आवश्यक उपचार के बाद सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। वहीं, मुंह पर कपड़ा बंधा होने की वायरल तस्वीर को लेकर पुलिस ने अब तक कोई स्पष्ट स्पष्टीकरण नहीं दिया है, जिससे मामले को लेकर अभी भी कुछ सवाल बने हुए हैं।
Source Agency News
Village Post