आज शाम 4:30 बजे अंतरिक्ष से लौटेंगे ग्रुप कैप्टन शुभांशु: लखनऊ में जश्न का माहौल, पिता बोले- आज सावन का सोमवार है, शिव जी रक्षा करेंगे – Lucknow News

 

लखनऊ निवासी भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला आज अंतरिक्ष से पृथ्वी की ओर वापसी के लिए रवाना होंगे। भारतीय समयानुसार यह वापसी शाम 4:30 बजे शुरू होगी, और उन्हें अमेरिका के फ्लोरिडा तट पर अटलांटिक महासागर में ‘स्प्लैशडाउन’ के जरिए पृथ्वी प

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शुभांशु Axiom Mission 4 (Ax‑4) का हिस्सा हैं, जो एक निजी लेकिन उच्चस्तरीय वैज्ञानिक और तकनीकी मिशन है, जिसमें चार देशों के अंतरिक्ष यात्रियों ने भाग लिया। भारत के लिए यह मिशन इसलिए भी खास है क्योंकि शुभांशु इस अभियान में पायलट के रूप में शामिल होकर अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) तक पहुंचने वाले पहले भारतीय वायुसेना अधिकारी बन गए हैं।

इसके अलावा उन्होंने पृथ्वी पर सूर्योदय के समय का दृश्य, समुद्रों और पर्वतों का रंग तथा अंतरिक्ष की सुंदरता को भी अपने घरवालों के साथ साझा किया है।

मिशन के अंतिम दिन शुभांशु ने साझा की अपना एक्सपीरियंस।

मिशन के अंतिम दिन शुभांशु ने साझा की अपना एक्सपीरियंस।

पिता बोले – आज सावन का सोमवार है, भगवान से शुभांशु की वापसी दुआ है

शुभांशु के लौटने की खबर सुनकर उनके लखनऊ स्थित आवास पर उत्सव जैसा माहौल है। उनके पिता एस.डी. शुक्ला ने भावुक होकर कहा कि, “आज हमारे लिए बेहद खास दिन है। संयोग से आज सावन का पहला सोमवार है। यह दिन भगवान शिव को समर्पित होता है और हम पूरे परिवार के साथ मंदिर जाकर शिवजी का रुद्राभिषेक करेंगे।

हम भगवान से यही प्रार्थना करेंगे कि हमारा बेटा सकुशल लौटे। जब वह अंतरिक्ष के लिए रवाना हुआ था, तब भी हमने उसकी सुरक्षा के लिए ईश्वर से प्रार्थना की थी और आज भी उसी आस्था के साथ उसकी सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।”

शुभांशु शुक्ला के पिता बोले - आज रुद्राभिषेक कर वापसी की दुआ करेंगे।

शुभांशु शुक्ला के पिता बोले – आज रुद्राभिषेक कर वापसी की दुआ करेंगे।

मां आशा शुक्ला बोली -मेरा बेटा मिशन पूरा करके लौट रहा है

शुभांशु कि मां आशा शुक्ला ने नम आंखों से बताया कि जब उनका बेटा गया था, तब उन्होंने हनुमान जी से आशीर्वाद मांगा था और अब जब वह लौट रहा है, तो वह भगवान शिव के चरणों में कृतज्ञता प्रकट करेंगी। उन्होंने कहा, “यह हमारे जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण है।

मेरा बेटा अंतरिक्ष से लौट रहा है और सबसे बड़ी बात ये है कि वह अपना मिशन सफलता के साथ पूरा करके वापस आ रहा है। हम उसकी एक-एक बात को सुनकर रोमांचित हो जाते हैं। जब वह अंतरिक्ष से कॉल करता है और बताता है कि वह कैसे रह रहा है, क्या खा रहा है, कैसे सोता है, तो हमें लगता है कि वह हमसे दूर होकर भी बहुत पास है।”

शुभांशु ने वीडियो कॉल के बताया कि कैसे वे अंतरिक्ष में इन बीजों को उगाकर वैज्ञानिक परीक्षण कर रहे हैं। मजाकिया लहजे में उन्होंने कहा, “पहले हम जवान थे, अब किसान बन गए हैं।”

मां आशा शुक्ला बोली - शुभांशु पहले जवान थे ब किसान भी बन गए।

मां आशा शुक्ला बोली – शुभांशु पहले जवान थे ब किसान भी बन गए।

बहन ने कहा – इस दिन का बहुत दिनों से इंतज़ार था

शुभांशु की बहन शुचि मिश्रा ने भी उनकी वापसी पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि, “हम इस दिन का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। अंतरिक्ष यात्रा अपने आप में बहुत चुनौतीपूर्ण होती है और उससे भी बड़ी चुनौती होती है वहां से सुरक्षित लौटना। हर दिन हम उसके कॉल का इंतजार करते थे।

उसने हमें दो दिन पहले वीडियो कॉल किया था और अपने सभी अनुभव शेयर किए। उसने बताया कि अंतरिक्ष में काम करना कितना अलग और रोमांचक होता है। हम सब बहुत गर्व महसूस कर रहे हैं कि उसने जो सपना देखा था, उसे उसने न केवल पूरा किया बल्कि भारत का नाम भी ऊंचा किया।”

बहन शुचि मिश्रा बोली - शुभांशु की वापसी का बेसब्री से इंतज़ार।

बहन शुचि मिश्रा बोली – शुभांशु की वापसी का बेसब्री से इंतज़ार।

शुभांशु के लखनऊ वापसी की अभी तक कोई योजना नहीं

हालांकि शुभांशु की वापसी के बाद फिलहाल उनके लखनऊ आने की कोई योजना नहीं है। 14 जुलाई को उनकी ‘अनलॉकिंग’ प्रक्रिया होगी, जिसके तहत उन्हें स्पेस कैप्सूल से बाहर निकाला जाएगा और फिर उन्हें एक सप्ताह तक मेडिकल निगरानी में रखा जाएगा। इसके बाद तय किया जाएगा कि वह दिल्ली जाएंगे या बेंगलुरु, जहां वैज्ञानिक और तकनीकी टीमें उनसे विस्तृत जानकारी लेंगी और उनका स्वास्थ्य परीक्षण करेंगी। परिवार ने बताया कि वे उनके स्वागत की तैयारियां तो कर रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला मिशन अधिकारियों के निर्देश के बाद ही लिया जाएगा।

शुभांशु शुक्ला ने अपने मिशन के दौरान किए 7 प्रयोग।

शुभांशु शुक्ला ने अपने मिशन के दौरान किए 7 प्रयोग।

शुभांशु ने मिशन के दौरान कुल 7 प्रयोग किए

Axiom‑4 मिशन को 25 जून को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से SpaceX के फाल्कन 9 रॉकेट के ज़रिए लॉन्च किया गया था। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य था माइक्रोग्रैविटी वातावरण में वैज्ञानिक प्रयोग करना, जिसमें स्वास्थ्य, कृषि, और तकनीक से जुड़े कुल 7 प्रयोग शामिल थे। शुभांशु ने इनमें से अधिकांश प्रयोगों को अंजाम दिया, जिनमें से एक महत्वपूर्ण प्रयोग था अंतरिक्ष में मूंग और मेथी के बीजों का अंकुरण।

शुभांशु की अर्थ पर वापसी के बाद क्या?

शुभांशु की वापसी के बाद उनकी ‘अनलॉकिंग’ प्रक्रिया 14 जुलाई को होगी, जिसके बाद उन्हें स्पेस कैप्सूल से बाहर निकाला जाएगा। इसके बाद वह लगभग एक सप्ताह तक मेडिकल निगरानी में रहेंगे, जहां उनका स्वास्थ्य परीक्षण और वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा। इसके बाद ही यह तय होगा कि वह बेंगलुरु जाएंगे या दिल्ली।

परिवार ने बताया कि वे उनका भव्य स्वागत करना चाहते हैं, लेकिन मिशन अधिकारियों के निर्देश के अनुसार ही योजना बनाई जाएगी। फिलहाल उनके लखनऊ आने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

आइए अब देखते है शुभांशु की अंतरिक्ष की 3 तस्वीरें...

अंतरिक्ष से शुभांशु ने साझा की थी अपनी तस्वीर।

अंतरिक्ष से शुभांशु ने साझा की थी अपनी तस्वीर।

शुभांशु के अंतरिक्ष में प्रयोग की तस्वीर।

शुभांशु के अंतरिक्ष में प्रयोग की तस्वीर।

अंतरिक्ष में किए गए प्रयोगों की तस्वीर लेते शुभांशु शुक्ला।

अंतरिक्ष में किए गए प्रयोगों की तस्वीर लेते शुभांशु शुक्ला।

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