हैदरी दल के दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
बरेली के गांधी उद्यान पार्क में बेटियों से बदसलूकी और उनकी वीडियो सोशल मीडिया पर डालने के मामले में चर्चित हुए कट्टर इस्लामिक संगठन हैदरी दल पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली पुलिस ने इस संगठन से जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को
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संगठन की सोशल मीडिया गतिविधियों से हुआ खुलासा
7 जून को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में कुछ युवक गांधी उद्यान पार्क में घूम रही युवतियों को रोकते, उनसे सवाल-जवाब करते और उनकी हिजाब व पहचान के आधार पर उन्हें अपमानित करते नजर आए। वीडियो में युवतियों की जाति और धर्म को लेकर अशोभनीय टिप्पणी की गई थी। वीडियो haidri_dal_bareilly नामक इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया था। इस पर दैनिक भास्कर ने सबसे पहले रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।

भास्कर की रिपोर्ट के बाद डीजीपी तक पहुंचा मामला
दैनिक भास्कर ऐप पर लगातार प्रकाशित रिपोर्टों के बाद न केवल बरेली पुलिस ने संज्ञान लिया, बल्कि मामला यूपी पुलिस के डीजीपी तक भी पहुंचा। इसके बाद पुलिस महकमे ने पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया और कार्रवाई शुरू कर दी। साइबर सेल की मदद से इंस्टाग्राम आईडी sufian_08 और haidri_dal_bareilly को ट्रेस किया गया।

गिरफ्तार आरोपी और उनके संगठन से जुड़े तार
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी शहवाज रजा उर्फ सूफियान और समीर रजा हैं। दोनों बरेली के निवासी हैं और पिछले एक महीने से इंस्टाग्राम पर हैदरी दल के नाम से अभियान चला रहे थे। वीडियो में मुस्लिम बेटियों को रोककर उनसे इस्लाम के नाम पर सवाल किए जाते थे और गैर-मुस्लिम युवकों से दोस्ती को लेकर उन्हें बदनाम किया जाता था।

ताबड़तोड़ छापेमारी और टेक्निकल सर्विलांस से गिरफ्तारी
पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपियों को ट्रेस किया और मंगलवार को उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से दो मल्टीमीडिया मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनसे वीडियो बनाए और अपलोड किए जाते थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 353, 196, 79, 126(2) के तहत केस दर्ज किया है।

हैदरी दल: एक नाम, कई अकाउंट, एक मकसद – कट्टरता फैलाना
इंस्टाग्राम पर हैदरी दल नाम से कम से कम 60 अकाउंट्स पाए गए हैं। इनमें से अधिकांश में मुस्लिम युवाओं को जिहाद के लिए उकसाने, हिन्दू विरोधी टिप्पणियों और ‘भगवा लव ट्रेप’ के खिलाफ वीडियो मौजूद हैं। कुछ वीडियो में हथियार लहराते हुए भी दिखाया गया है। Badar_war_313 नामक अकाउंट में एक वीडियो में हथियार लहराते हुए ‘अल्लाहु अकबर’ के नारे लगते दिखाया गया है।

बेटियों को धमकाने और अपमानित करने का सिलसिला
गांधी उद्यान पार्क की घटना में मुस्लिम लड़कियों को जबरन रोका गया। उनसे पूछा गया कि क्या वे गैर-मुस्लिमों के साथ घूम रही हैं। एक वीडियो में लड़की को हिजाब उतारने पर फटकार लगाई जाती है और कहा जाता है कि ‘यह तुम्हारे मां-बाप की नहीं, फातिमा की जागीर है।’ यह न केवल व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर हमला था, बल्कि धार्मिक कट्टरता का खुला प्रदर्शन भी।
इस्लामिक सरपरस्ती के नाम पर जहर घोलने की कोशिश
हैदरी दल अपने आपको इस्लाम का रक्षक बताता है, लेकिन इसके सोशल मीडिया पोस्ट और गतिविधियों से साफ है कि ये संगठन धार्मिक वैमनस्यता फैलाने का काम कर रहा है। ‘भगवा लव ट्रेप’ जैसे शब्दों को उछाल कर ये दल मुस्लिम युवाओं को भड़काने और गैर-मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाने का एजेंडा चला रहा है।
राजस्थान और इंदौर तक फैला नेटवर्क
हैदरी दल का नेटवर्क केवल बरेली तक सीमित नहीं है। इंस्टाग्राम पर haidri_dal_rajasthan नाम से एक और अकाउंट मिला है, जिसमें 24 भड़काऊ वीडियो और 388 फॉलोवर्स हैं। इसमें बायो में लिखा गया है—‘देश का बल, 24×7 मुस्लिम सुरक्षा हमारा कर्तव्य’। यह बताता है कि ये संगठन कई राज्यों में फैल चुका है और सोशल मीडिया के जरिए नफरत का जाल बिछा रहा है।
पुलिस की रणनीतिक कार्रवाई जारी
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि हैदरी दल द्वारा सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे ज़हर और महिलाओं के साथ की गई बदसलूकी के मामले को लेकर पुलिस बेहद गंभीर है। सभी संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच की जा रही है।
सोशल मीडिया पर सख्ती और निगरानी बढ़ी
इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से इस तरह की गतिविधियों की जाँच के लिए सर्विलांस सेल को सभी अकाउंट्स की बारीकी से मॉनिटरिंग का जिम्मा दिया गया है। खासकर उन अकाउंट्स को चिन्हित किया जा रहा है जो धार्मिक कट्टरता और समुदाय विशेष के खिलाफ भड़काने वाले कंटेंट पोस्ट करते हैं।
हैदरी दल का नाम बजरंग दल से प्रेरित
भास्कर की पड़ताल में सामने आया है कि हैदरी दल नाम की प्रेरणा बजरंग दल से ली गई है। लेकिन इसका उद्देश्य बिल्कुल अलग है। जहां बजरंग दल हिंदू हितों की बात करता है, वहीं हैदरी दल इस्लामी कट्टरता के नाम पर भारत में धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश कर रहा है।
युवाओं को गुमराह करने की साजिश
सोशल मीडिया के जरिए ये संगठन मुस्लिम युवाओं को यह विश्वास दिलाने की कोशिश करता है कि उनकी बहनें, मस्जिदें, दरगाहें असुरक्षित हैं और जिहाद ही इसका समाधान है। इस तरह की भाषा न केवल देश की अखंडता के लिए खतरा है, बल्कि युवाओं के मन में हिंसा और कट्टरता भरने की कोशिश भी।
हिंदू संगठनों की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया
हिंदू जागरण मंच युवा वाहिनी के अध्यक्ष हिमांशु पटेल ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और कहा कि किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि वह किसी लड़की से उसकी पहचान पूछे या उसकी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करे। उनका कहना है कि यह सीधा-सीधा समाज में भय और नफरत फैलाने की साजिश है।
पुलिस की निगरानी में बरेली की प्रमुख दरगाहें
जांच के दौरान यह भी पता चला है कि आरोपी कुछ प्रमुख दरगाहों से जुड़े हुए हैं। पुलिस ने इन स्थलों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। यह जांच भी की जा रही है कि क्या धार्मिक स्थलों का इस्तेमाल इस तरह के नेटवर्क को संचालित करने में किया जा रहा है।
पुलिस जाँच में सामने आये 60 ग्रुप
पुलिस की जाँच में अब तक 60 इंस्टाग्राम एकाउंट्स के साथ साथ व्हाट्सएप ग्रुप, व्हाट्सएप चैनल, फेसबुक पर भी हैदरी दल सक्रिय है। पुलिस अब सभी सोशल मीडिया प्लेटफोर्म की जाँच में जुट गई है।
जिम्मेदारी तय होगी, साजिश का खुलासा भी
एसपी सिटी मानुष पारीक ने प्रेस वार्ता में कहा कि पुलिस किसी को बख्शेगी नहीं। सभी आरोपियों को चिन्हित किया जा रहा है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यह मामला सिर्फ महिलाओं की गरिमा का नहीं बल्कि सामाजिक सौहार्द और कानूनी व्यवस्था का भी है।
एक वायरल वीडियो से बड़े खुलासे तक
एक वायरल वीडियो से शुरू हुआ मामला अब एक संगठित कट्टर संगठन के भंडाफोड़ तक जा पहुंचा है। बरेली पुलिस की तत्परता, दैनिक भास्कर की पड़ताल और जनता की सतर्कता से एक ऐसा नेटवर्क बेनकाब हुआ है जो देश जिहाद के लिए मुस्लिम युवाओ को भड़का रहा है। पुलिस की जाँच जरी है और आने वाले दिनों में इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई और चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
Village Post