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लखनऊ के राजाजीपुरम इलाके में जिस मिनी इंडोर स्टेडियम का लोकार्पण देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने बड़े सपनों और उम्मीदों के साथ 31 जनवरी 2001 को किया था। वह आज उपेक्षा और अफसरशाही की अनदेखी के कारण खंडहर में तब्दील हो चुका है। अब स्थित
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भूलते जा रहे हैं अटल जी का सपना
4 मई 1999 को तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने इसका शिलान्यास किया था, और दो साल बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने लोकार्पण किया। उद्देश्य था—राजाजीपुरम और आसपास के क्षेत्रों के बच्चों को विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं देना। लेकिन आज यह सपना केवल एक नामपट्ट पर दर्ज तारीख बनकर रह गया है।
टूटी मैटिंग, टपकती छत और कटी बिजली
स्टेडियम की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि यहां बैडमिंटन, टेबल टेनिस, जूडो और ताइक्वांडो जैसे खेलों की कल्पना करना भी मुश्किल है। न बिजली है, न साफ-सफाई। छत से पानी टपकता है और मैटिंग जगह-जगह से फट चुकी है।राजाजीपुरम वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि राजीव त्रिपाठी के अनुसार, आवास विकास परिषद द्वारा विकसित इस कॉलोनी में मूलभूत नागरिक सुविधाएं तक नहीं दी गईं।
खेल स्टेडियम और एक कम्युनिटी सेंटर जैसे ढांचे आज जर्जर हालत में हैं। उन्होंने बताया कि स्टेडियम को आवास परिषद ने राजस्व कमाने का जरिया बनाकर शादियों और निजी आयोजनों के लिए किराए पर देना शुरू कर दिया। नतीजा यह हुआ कि आज यहां कोई खिलाड़ी अभ्यास करने नहीं आता।
पीएसी का डेरा और फिर खाली जगह
कुछ समय पहले इस परिसर में प्रांतीय सशस्त्र बल (PAC) ने भी अस्थायी कैंप बना लिया था, जिसे बाद में विधान परिषद में सवाल उठने के बाद खाली कराया गया। बावजूद इसके स्टेडियम की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। खेल विभाग द्वारा कराए गए एक सर्वे के अनुसार, इस प्रकार के मिनी इंडोर स्टेडियम देश में केवल तीन स्थानों लखनऊ, कोलकाता और चेन्नई में है। पार्षद प्रतिनिधि का मानना है कि लखनऊ के इस स्टेडियम को खेल निदेशालय को सौंपा जाना चाहिए ताकि इसका मूल उद्देश्य पुनः जीवित हो सके। लेकिन आवास विकास परिषद अब इसे निजी प्रबंधन के अधीन देने की योजना बना रही है, जिससे यह केवल कमाई का जरिया बनकर रह जाएगा।
Source Agency News
Village Post