यूपी में मानसून जमकर बरस रहा है। आज मौसम विभाग ने 10 जिलों में हल्की तो 20 जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। मानसूनी बारिश का दायरा पूरब और तराई होते हुए अब पश्चिम तक पहुंच चुका है।
.
बता करें रविवार की तो बुंदेलखंड के ललितपुर में सर्वाधिक 132MM बारिश रिकॉर्ड दर्ज की गई। जबकि लखनऊ समेत 40 शहरों में देर रात कहीं तेज तो कहीं रुक-रुक बारिश होती रही। बिजनौर में इतनी बारिश हुई कि हाईवे डूब गया था। गलियों में नदी जैसा बहाव दिखा। मंडी में सब्जियां बह गईं थी।

झांसी में एक घंटे की बारिश में सड़कों पर 2 फीट तक पानी भर गया। यहां के रक्सा गांव में सुनहरे रंग के 100-150 मेंढक नजर आए। स्थानीय मान्यता है कि सुनहरे रंग के मेंढक दिखते हैं तो अच्छी बारिश होती है।
आगरा में चंबल नदी से मगरमच्छ निकलकर गांव पहुंच गया। ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ी तो सहम गए। वन विभाग सूचना को दी। वन विभाग ने मगरमच्छ को पकड़कर चंबल नदी में छोड़ा। पीलीभीत में पुल का एक हिस्सा नहर में समा गया। आसपास के लोगों की सूचना पर सिंचाई विभाग की टीम मौके पर पहुंची। राहत-बचाव शुरू किया।

चित्रकूट में बरदहा नदी के पानी में कच्ची सड़क बह गई, जिससे कई गांवों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क टूट गया। हरदोई में बारिश के पानी में डूबने से 3 बच्चों की मौत हो गई। वहीं, बिजली गिरने से बलिया में ज्वेलर समेत 3, देवरिया-बलिया और मुरादाबाद में एक-एक की मौत हुई।
मौसम विभाग के मुताबिक, 24 घंटे में प्रदेश 5 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई। यह औसत 3.9 मिमी के अनुमान से 29 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं, 1 जून से अब तक प्रदेश में 55.6 मिमी बारिश हो चुकी, जो कि सामान्य 49.6 मिमी से 12 प्रतिशत अधिक है।


कल के मौसम की तस्वीरें देखिए-

तस्वीर झांसी के रक्सा गांव की है। यहां सुनहरे रंग के मेंढक नजर आने के बाद स्थानीय लोग खुश हैं। स्थानीय मान्यता है कि सुनहरे मेंढक दिखते हैं तो अच्छी बारिश होती है।

आगरा में चंबल नदी से मगरमच्छ निकलकर गांव में पहुंच गया। दो घंटे बाद वन विभाग की टीम ने उसे वापस चंबल नदी में छोड़ा।

तस्वीर बिजनौर की। यहां रविवार को बारिश के बाद सड़क पर दो फीट पानी भर गया। एक स्कूटी सवार महिला फंस गई। बच्चों ने धक्का देकर बाहर निकाला।

पीलीभीत में पुल का एक हिस्सा नहर में समा गया।
Source Agency News
Village Post