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लखनऊ नगर निगम में लगातार आ रहे भ्रष्टाचार के मामले को रोकने के लिए नगर आयुक्त ने निर्देश दिया है। विकास कार्य के प्रस्ताव की जांच के बाद ही उसकी मंजूरी दी जाएगी। संबंधित अपर नगर आयुक्त अपने-अपने विभाग के कमेटी के अध्यक्ष होंगे। विकास कार्यों में धांध
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सड़क में गड़बड़ी के बाद लिया निर्णय
नगर आयुक्त ने यह आदेश दो दिन पहले कई वार्डों में सड़कों की औचक जांच में गड़बड़ी मिलने के बाद यह निर्देश जारी किया है। नगर निगम में अभी तक सिर्फ सड़क-नाली, नाला निर्माण के प्रस्तावों की जांच के लिए समिति थी। अन्य किसी विभाग में प्रस्ताव की जांच के लिए समिति नहीं थी, लेकिन अब सभी विभागों के लिए समिति बनाई गई है। समिति का अध्यक्ष संबंधित विभाग के अपर नगर आयुक्त को बनाया गया है। समिति जांच कर रिपोर्ट देगी कि जिस काम का प्रस्ताव है, वह कितना कराया जाना है। कितना जरूरी है। प्रस्ताव में निर्माण सामग्री या अन्य सामग्री के जो रेट लगाए गए हैं, वह सही हैं या नहीं। यदि जांच में रेट में अंतर पाया जाएगा तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
जेम पोर्टल से खरीदारी पर जोर
नगर आयुक्त ने स्वास्थ्य विभाग, फॉर्म व स्टोर आदि में सामान की खरीद जेम पोर्टल से ही करने का आदेश दिया है। अभी कोटेशन के आधार पर कार्य की आवश्यकता बताकर सामान की खरीद कर ली जाती थी। पुराने रेट का हवाला देकर भी उसी दर पर सामान की आपूर्ति करा ली जाती थी, मगर अब नए आदेश से एक तरह से रोक लगा दी गई है। अब सामान की खरीद जेम पोर्टल से की जा सकेगी।
अभियंत्रण से लेकर कूड़ा निस्तारण तक में बनेगी कमेटी
अभियंत्रण विभाग, मार्ग प्रकाश व आरआर विभाग, उद्यान विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पशु कल्याण विभाग, प्रचार विभाग, फार्म-स्टोर विभाग और पर्यावरण (शिवरी कूड़ा निस्तारण प्लांट सहित) अन्य विभाग इसमें शामिल हैं।
Village Post