8 साल बाद खुलेगा JPNIC का ताला: अधूरे काम पूरे होंगे, डेढ़ साल में हो जाएगा चालू; LDA ने कमेटी बनाई – Lucknow News

 

लखनऊ में गोमती नगर स्थित का जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) आखिरकार 8 साल बाद फिर से खुलने जा रहा है। योगी कैनिबेट ने इसकी जिम्मेदारी अब लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को सौंप दी है। जल्द ही इसका ताला खोला जाएगा। इसके बाद मरम्मत और फिर संचालन की

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JPNIC की मरम्मत और देखरेख के लिए एक कमेटी बना दी गई है। कमेटी के अध्यक्ष LDA वीसी हैं। इसके अलावा कमेटी में सचिव विवेक श्रीवास्तव, अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा, चीफ इंजीनियर नवनीत शर्मा, सीएफओ दीपक सिंह का नाम है। कमेटी सेंटर को कैसे चलाया जाए इसकी रिपोर्ट तैयार करेगी।

डेढ़ साल में चालू होगा सेंटर में कई निर्माण का काम अभी अधूरा है। इनको पूरा करने में लगभग डेढ़ साल का समय लगेगा। मरम्मत कार्य में करीब 150 करोड़ रुपए की लागत आने की उम्मीद है। मरम्मत काम पूरा होने के बाद LDA इसका संचालन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर करने की योजना बना रहा है। फिलहाल, JPNIC का ताला खुलने के बाद ही आगे की योजना पर अफसर काम करेंगे।

IGP की तर्ज पर होगा संचालन

JPNIC का निर्माण कार्य शासन की निगरानी में LDA की ओर से किया जा रहा था। शासन के निर्देश पर ही किसी भी तरह का कार्य संपन्न होता था, लेकिन अब प्राधिकरण को इसके निर्माण और संचालन का पूरा अधिकार सौंप दिया गया है। LDA के अफसरों का कहना है कि आने वाले दिनों में JPNIC को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान (IGP) की तर्ज पर संचालन किया जाएगा। मौजूदा वक्त में आईजीपी का संचालन LDA कार्यदायी संस्था के माध्यम से करवाया जा रहा है।

860 करोड़ खर्च हो गए आठ साल से बंद पड़ा JPNIC खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। ये परिसर 18.6 एकड़ में फैला है। गोमतीनगर में 860 करोड़ की लागत से बना है। 2013 के अप्रैल में दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर की तर्ज पर निर्माण शुरू हुआ था। इसका जिम्मा रियल एस्टेट कंपनी शालीमार को मिला था। 11 अक्टूबर 2016 को अखिलेश यादव ने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन कर दिया था। ऑल वेदर ओलिंपिक साइज स्विमिंग पूल और मल्टीपर्पज कोर्ट में खेलों से जुड़ी प्रस्तुति भी कराई गईं। बाद में इस हिस्से को बंद कर दिया गया। साल 2017 तक इसके निर्माण पर 860 करोड़ रुपए खर्च चुके थे।

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राज्यमंत्री ने लगाया था भ्रष्टाचार का आरोप 2017 में आवास राज्यमंत्री सुरेश पासी ने JPNIC के काम में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। तब योगी सरकार ने जांच के आदेश दिए थे। अभी इसकी रिपोर्ट नहीं आई है। हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल की गई। इसमें कहा गया कि JPNIC टैक्स पेयर के पैसे से बनी है और इमारत खंडहर हो रही है।

केवल 100 करोड़ की जरूरत है और इमारत तैयार पूरी बन जाएगी। इस पर तत्कालीन चीफ जस्टिस ने सरकार को नोटिस जारी किया। तब इमारत में काम शुरू हो गया। इस पर राजनीतिक घमासान शुरू होने पर दोबारा निर्माण कार्य रोक दिया गया था। काम रोकने पर हाईकोर्ट ने फिर से नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

अक्टूबर 2023 में जेपी नारायण की प्रतिमा पर माल्यापर्ण करने के लिए पूर्व सीएम अखिलेश यादव JPNIC पहुंचे थे। प्रशासन ने गेट बंद करवाया तो वह फांद गए।

अक्टूबर 2023 में जेपी नारायण की प्रतिमा पर माल्यापर्ण करने के लिए पूर्व सीएम अखिलेश यादव JPNIC पहुंचे थे। प्रशासन ने गेट बंद करवाया तो वह फांद गए।

लोकनायक की जयंती पर हुआ था बवाल लोकनायक जय प्रकाश नारायण की जयंती पर दो साल से घमासान देखने को मिला। पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने पिछले साल जयप्रकाश नारायण की जयंती पर JPNIC सेंटर का गेट फांदकर उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण किया था। इसके बाद वहां जमकर हंगामा हुआ था। भारी संख्या में सपा कार्यकर्ता वहां जाकर डट गए थे। इसके चलते वहां दिनभर जाम जैसी स्थिति बनी रही थी। इसको देखते हुए प्रशासन ने गेट पर टिनशेड लगवा दिए थे

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