पुणे में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय जांच एजेंसी ने मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज (MES) के दो अधिकारियों को रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई खड़की स्थित MES कार्यालय से जुड़े एक मामले में की गई है।
गिरफ्तार अधिकारियों में असिस्टेंट गैरीसन इंजीनियर (ई/एम-II) सुनील निकम और जूनियर इंजीनियर (ई/एम-II) सुरेश म्हस्के शामिल हैं। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने एक ठेकेदार से लंबित भुगतान जारी करने के बदले रिश्वत की मांग की थी।
6 लाख की मांग, 2 लाख में बनी बात
मामले की शुरुआत एक निजी कंपनी से जुड़े प्रतिनिधि की शिकायत से हुई थी, जो MES के लिए ठेके पर काम कर रहा था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि काम पूरा होने और सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बावजूद भुगतान रोक दिया गया। इसके बदले अधिकारियों ने कथित तौर पर 6 लाख रुपये की रिश्वत मांगी।
बातचीत के बाद आरोपियों ने पहली किस्त के रूप में 2 लाख रुपये लेने पर सहमति जताई, जिसके बाद जांच एजेंसी ने जाल बिछाने का फैसला किया।
ट्रैप के दौरान जूनियर इंजीनियर गिरफ्तार
पूर्व नियोजित योजना के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम के साथ भेजा गया। जैसे ही जूनियर इंजीनियर ने कार्यालय में 2 लाख रुपये की राशि स्वीकार की, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ लिया। रिश्वत की रकम वहीं से बरामद कर ली गई।
जांच के दौरान इस पूरे मामले में असिस्टेंट गैरीसन इंजीनियर की भूमिका भी सामने आई, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
छापेमारी में नकदी और दस्तावेज बरामद
गिरफ्तारी के बाद दोनों अधिकारियों के कार्यालय और आवासीय परिसरों में तलाशी ली गई। इस दौरान करीब 1.88 लाख रुपये नकद और कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए। बरामद रकम के संबंध में आरोपी संतोषजनक जानकारी नहीं दे सके।
फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और एजेंसी रिश्वत से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
Village Post