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राजधानी के स्कूल और शैक्षणिक संस्थानों के नाम पर पंजीकृत 1915 वाहनों में से 183 वाहन पूरी तरह कंडम घोषित किए गए हैं, जबकि 258 वाहन बिना वैध फिटनेस और परमिट के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। आरटीओ की रिपोर्ट के मुताबिक, पहली जुलाई से स्कूल खुलते ही इन वाहनों
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सिर्फ 1474 वाहन ही चलने लायक
आरटीओ ट्रांसपोर्ट नगर द्वारा शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, 1915 स्कूली वाहनों में से सिर्फ 1474 ही वैध फिटनेस और परमिट के साथ संचालन योग्य हैं। 122 वाहनों की फिटनेस वैध नहीं है, 208 के परमिट खत्म हो चुके हैं और 72 ऐसे वाहन हैं जिनका न फिटनेस है और न परमिट। 183 वाहन ऐसे हैं जो 15 साल की तय आयु पूरी कर चुके हैं, जिन्हें नियमों के तहत रद्द (कंडम) मान लिया गया है।
स्कूल खुलने से पहले जारी हुए नोटिस
परिवहन विभाग ने स्कूल खुलने से पहले ही वाहन मालिकों को नोटिस भेज दिए हैं ताकि वे फिटनेस और परमिट की प्रक्रिया जल्द पूरी कर लें। एआरटीओ प्रशासन प्रदीप कुमार सिंह ने कहा, “कोई भी स्कूल वाहन 15 साल से ज्यादा नहीं चलाया जा सकता। जो वाहन तय मियाद पार कर चुके हैं, उन्हें सड़क से हटाना अनिवार्य है।”
नामचीन स्कूल भी फंसेंगे
रिपोर्ट के मुताबिक, कंडम वाहनों की सूची में लखनऊ के कई नामी स्कूल और कॉलेज शामिल हैं। जिनमें सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (सीएमएस) के 32 वाहन, जयपुरिया स्कूल के 4, डीपीएस के 5, पीजीआई व कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के 3-4 वाहन और केजीएमयू का एक वाहन शामिल है। इसके अलावा कई अन्य निजी संस्थान और इंजीनियरिंग कॉलेज भी इस दायरे में हैं।
1 जुलाई से 15 दिन का अभियान
1 जुलाई से पूरे 15 दिनों तक राजधानी में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। आरटीओ और यातायात पुलिस की संयुक्त टीमें ऐसे स्कूली वाहनों को चिह्नित कर जब्त करेंगी, जो बिना फिटनेस, परमिट या तय आयु से अधिक अवधि तक चल रहे हैं। एआरटीओ सिंह ने स्पष्ट किया कि नियम तोड़ने पर सिर्फ चालान नहीं, सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी।
आइए अब जानते है कि लखनऊ में स्कूली वाहनों की स्थिति क्या है..
•कुल स्कूली वाहन: 1915
•मानक पर खरे: 1474
•फिटनेस न होने वाले: 122
•परमिट समाप्त: 208
•दोनों अनुपलब्ध: 72
•पूरी उम्र पार कर चुके: 183
एआरटीओ प्रदीप कुमार बोले – लखनऊ के 183 वाहन पूरी तरह कंडम
लखनऊ एआरटीओ प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि 183 वाहन पूरी तरह कंडम हो चुके हैं। 258 अन्य वाहन फिटनेस या परमिट के बिना बच्चों को ढो रहे हैं। 1 जुलाई से चेकिंग में ऐसे वाहन पकड़े जाने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर होगी।
Source Agency News
Village Post