वाराणसी के चर्चित हत्याकांडों में शुमार भाजपा नेता पशुपतिनाथ सिंह की हत्या के मामले में आज अंतिम फैसला आएगा, फास्ट ट्रैक कोर्ट दोष सिद्ध 16 हत्यारों को सजा सुनाएगा। इसके साथ ही अन्य दो आरोपियों की सजा का रास्ता खुल जाएगा। मृतक भाजपा नेता के पुत्र ने
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विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अदालत ने भाजपा नेता पशुपतिनाथ सिंह की हत्या के 16 आरोपितों के खिलाफ अप्रैल 2023 में ही आरोप तय कर दिया था। मामले में पशुपतिनाथ सिंह के पुत्र रुद्रेश सिंह ने सिगरा थाने में 17 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। 2 दरोगा सहित 9 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया था।
इस नृशंस हत्याकांड की गूंज लखनऊ से लेकर दिल्ली तक थी और 2018 से लगातार केस में सुनवाई जारी थी। हत्याकांड में पीएम ने पत्र लिखकर शोक जताया था और डिप्टी सीएम पीड़ित परिजनों से मिलने घर गए थे। केस में पुलिस के अलावा एसटीएफ को भी लगाया गया था।

भाजपा नेता पशुपतिनाथ सिंह की 12 अक्टूबर 2022 को हत्या कर दी गई थी। (फाइल फोटो)
वाराणसी में भाजपा नेता पशुपतिनाथ सिंह की हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 16 नामजद हमलावरों को दोषी करार दिया है। अब दोपहर बाद जेल से सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट रूम में पेश किया जाएगा। कटघरे में खड़े आरोपियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) के जज कुलदीप सिंह की अदालत सजा सुनाएगी।
हत्याकांड में हंटर गैंग, गैंग नंबर 307, बाइकर्स गैंग और अन्य गैंग का मेंबर बताने वाले मनबढ़ युवक शामिल थे। आरोपियों की जमानत खारिज होने के बाद सभी जेल में निरुद्ध हैं। इस मामले में 2 नाबालिग आरोपितों की सुनवाई किशोर न्यायालय में हो रही है।
अदालत में दोषी पाए गए विकास भारद्वाज, मंटू सरोज, राहुल सरोज, मनीष पांडेय, गणेश सरोज, अभिषेक सरोज, दिनेश पाल, अनूप सरोज, सूरज यादव, रमेश पाल, अनुज उर्फ बाबू सरोज, श्याम बाबू राजभर, विशाल राजभर, संदीप कुमार गुप्ता, सुरेश सरोज व आर्या उर्फ आकाश सरोज को दोषी करार दिया। संदीप कुमार गुप्ता मंडुवाडीह के फुलवरिया का रहने वाला है।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 15 अक्टूबर 2022 को स्वर्गीय पशुपतिनाथ सिंह के घर जाकर शोक जताया था, परिजनों को ढांढस बंधाया था। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया था।
पहले जानिए पूरा घटनाक्रम…
सिगरा थाना क्षेत्र के जयप्रकाश नगर (माधोपुर) कालोनी स्थित देसी शराब के ठेके पर 12 अक्टूबर 2022 की शाम करीब सवा सात बजे सिगरा के चंदुआ छित्तूपुर के निवासी मंटू सरोज व राहुल सरोज अपने दो अन्य साथियों के साथ शराब पी रहे थे। इस दौरान आपस में गाली-गलौज करते हुए उपद्रव कर रहे थे। पड़ोसी
राजकुमार सिंह ने उन्हें डांट-डपटकर भगा दिया। उस वक्त तो सभी चले लेकिन थोड़ी देर बाद 15-20 के साथ लौटे। सभी के हाथ में लोहे की राड, लाठी-डंडे लेकर थे। मंटू सरोज, राहुल सरोज व अभिषेक के ललकारने पर जान से मारने की नीयत से राजकुमार सिंह पर हमला कर दिया।
शोरगुल सुनकर राजकुमार के पिता भाजपा नेता पशुपतिनाथ सिंह बीच-बचाव करने पहुंचे तो हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से पशुपतिनाथ सिंह को अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े। स्वजन उन्हें बीएचयू ट्रामा सेंटर ले गए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
18 आरोपियों के खिलाफ लगाई थी चार्जशीट
राजकुमार सिंह ने घटना में शामिल हमलावरों का नाम और घटनाक्रम पुलिस को बताया। दिनेश पाल, सूरज यादव, अनूप सरोज, मन्टू सरोज, अभिषेक सरोज, गणेश सरोज, मनीष पांडेय, रमेश पाल, सुरेश सरोज, श्यामबाबू, पवन, साहिल गुप्ता, सन्दीप गुप्ता, विशाल राजभर, विकास राजभर के संग लाठी-डंडे और रॉड से लैस होकर पहुंचे और राजकुमार की पिटाई शुरू कर दी थी।
पशुपति नाथ सिंह (71) आए तो रॉड से उनके सिर पर कई वार किया था। रॉड समेत अन्य हथियारों को सामनेघाट पुल से गंगा में फेंका था। उपचार के दौरान पशुपतिनाथ सिंह ने ट्रामा सेंटर में दम तोड़ा था। और उनके भाई रुद्रेश कुमार सिंह की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया।
हत्याकांड के बाद मामला हाईप्रोफाइल हो गया और एसटीएफ वाराणसी यूनिट ने जांच कर गिरफ्तारियां की। विवेचना पूरी कर पुलिस ने 18 अभियुक्तों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। सभी सिगरा के चंदुआ,छित्तुपुर के रहने वाले हैं। इसमें से 2 आरोपी नाबालिग मिले थे, जिनकी सुनवाई किशोर न्यायालय में हो रही है।
Village Post